गली गली धूम मचायो रे
मारो नंदाजीका छोकरा || धृ ||
यशोदा नो कन्हैया देवकी दा लाडला |
सुंदर बनसी बजायो रे || १ ||
माथे पे मुकुट रूप कान्हो सावळा |
होली खेलने आयो रे || २ ||
मीरा कहे मारो मदन मोहन से |
खुशियों का प्याला पियो रे || ३ ||
-- संतश्रेष्ठ मीराबाई
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