Monday, August 15, 2022

अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो

देखो देखो ये गरीबी,ये गरीबी का हाल  
कृष्ण के दर पे विश्वास लेके आया हूँ 
मेरे बचपन का यार है.. मेरा श्याम,
यही सोच कर मै आस कर के आया हूँ. 

अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो  
के दरपे सुदामा गरीब आ गया है
भटकते भटकते ना जाने कहा से
तुम्हारे महल के करीब आगया है

ना सरपे है पगडी ना तन पे है जामा, 
बतादो कन्हैया को नाम है सुदामा हा…
बतादो कन्हैया को नाम है सुदामा.
बस एक बार मोहन से जा कर के कह दो
के मिलने सखा बद‍नसीब आ गया है 
अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो  
के दरपे सुदामा गरीब आगया है

सुनते ही दौड़े चले आये मोहन, 
लगाया गले से सुदामा को मोहन हा…
लगाया गले से सुदामा को मोहन
हुआ रुख्मिणी को बहुत ही अचंभा
ये मेहमान कैसा अजीब आगया है

बराबर में अपने सुदामा बिठाये  
चरण आँसुओं से श्याम ने धुलाये 
चरण आँसुओं से श्याम ने धुलाये
ना घबरायो प्यारे जरा तुम सुदामा 
खुशी का समां तेरे करीब आ गया है 

अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो  
के दरपे सुदामा गरीब आगया है

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