Wednesday, August 31, 2022

जय जय महाराष्ट्र माझा

जय जय महाराष्ट्र माझा, गर्जा महाराष्ट्र माझा ॥धृ.॥
रेवा वरदा, कृष्ण कोयना, भद्रा गोदावरी
एकपणाचे भरती पाणी मातीच्या घागरी
भीमथडीच्या तट्टांना या यमुनेचे पाणी पाजा
जय जय महाराष्ट्र माझा ... ॥१॥

भीती न आम्हा तुझी मुळी ही गडगडणाऱ्या नभा
अस्मानाच्या सुलतानीला जवाब देती जीभा
सह्याद्रीचा सिंह गर्जतो, शिवशंभू राजा
दरीदरीतून नाद गुंजला, महाराष्ट्र माझा ॥२॥

काळ्या छातीवरी कोरली, अभिमानाची लेणी
पोलादी मनगटे खेळती, खेळ जीवघेणी
दारिद्र्याच्या उन्हात शिजला
निढ़ळाच्या घामाने भिजला
देशगौरवासाठी झिजला
दिल्लीचेही तख्त राखितो, महाराष्ट्र माझा ॥३॥

ॐकार प्रधान रूप गणेशाचे

ॐकार प्रधान रूप गणेशाचे ।
हे तिन्ही देवांचे जन्मस्थान ॥१॥

अकार तो ब्रह्मा, उकार तो विष्णु ।
मकार महेश जाणियेला ॥२॥

ऐसे तिन्ही देव जेथोनी उत्पन्न ।
तो हा गजानन मायबाप ॥३॥

तुका ह्मणे ऐसी आहे वेदवाणी ।
पहावी पुराणे व्यासाचिया ॥४॥

Tuesday, August 16, 2022

शंभू शिव महादेवा

हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।

हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव

सानन्दमानन्दवने वसन्तमानन्दकन्दं हतपापवृन्दम्
सानन्दमानन्दवने वसन्तमानन्दकन्दं हतपापवृन्दम्

वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये
वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये

हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम् |
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्

अकालमृत्योः परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्
अकालमृत्योः परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्

हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय

हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा
शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव

मंगल भवन अमंगल हारी

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
राम सिया राम सिया राम जय जय राम - २

हो, होइहै वही जो राम रचि राखा
को करे तरफ़ बढ़ाए साखा

हो, धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी

हो, जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू

हो, जाकी रही भावना जैसी
रघु मूरति देखी तिन तैसी

रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

हो, हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

Monday, August 15, 2022

श्यामा आन बसों वृन्दावन में

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा रस्ते में बाग बना जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा रस्ते में कुआ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल मल के,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,

अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो

देखो देखो ये गरीबी,ये गरीबी का हाल  
कृष्ण के दर पे विश्वास लेके आया हूँ 
मेरे बचपन का यार है.. मेरा श्याम,
यही सोच कर मै आस कर के आया हूँ. 

अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो  
के दरपे सुदामा गरीब आ गया है
भटकते भटकते ना जाने कहा से
तुम्हारे महल के करीब आगया है

ना सरपे है पगडी ना तन पे है जामा, 
बतादो कन्हैया को नाम है सुदामा हा…
बतादो कन्हैया को नाम है सुदामा.
बस एक बार मोहन से जा कर के कह दो
के मिलने सखा बद‍नसीब आ गया है 
अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो  
के दरपे सुदामा गरीब आगया है

सुनते ही दौड़े चले आये मोहन, 
लगाया गले से सुदामा को मोहन हा…
लगाया गले से सुदामा को मोहन
हुआ रुख्मिणी को बहुत ही अचंभा
ये मेहमान कैसा अजीब आगया है

बराबर में अपने सुदामा बिठाये  
चरण आँसुओं से श्याम ने धुलाये 
चरण आँसुओं से श्याम ने धुलाये
ना घबरायो प्यारे जरा तुम सुदामा 
खुशी का समां तेरे करीब आ गया है 

अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो  
के दरपे सुदामा गरीब आगया है

धन्य धन्य जन्म ज्याचा

धन्य धन्य जन्म ज्याचा वारकरी पंढरीचा ।।१।। जाय नेमें पंढरीसी । चुकों नेदी तो वारीसी ।।२।। आषाढी कार्तिकी । सदा नाम गाय मुखीं ।।३।। एकाजर्नाध...