Friday, December 24, 2021

धरिला पंढरीचा चोर

धरिला पंढरीचा चोर |

                गळा बांधुनिया दोर || धृ ||


हृदय बंदिखाना केला |

                आत विठ्ठल कोंडीला || १ ||


शब्दे केली जडाजुडी |

                विठ्ठल पायी घातली बेडी || २ ||


सोहं शब्दांचा मारा केला |

                विठ्ठल काकुळती आला || ३ ||


जनी म्हणे बा विठ्ठलां |

                जीवे न सोडी मी तुजला || ४ ||


                                        -- संतश्रेष्ठ जनाबाई

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